Knowledge doesn't need any works. In deep love words don't comes out. Love just flows throws eyes! Transmits in the space and penetrates deep inside the hearts and tears rolls down!
ये दुनिया बाती का धुंआ,
बस मैं और तू है यहाँ सच्चा।
अजब गजब आकर रचाए है ये धुंआ,
पर बस तू और मैं हू यहाँ हमेशा ।।
अजब गजब कष्ट है यहाँ,
ये सब आकर बाती का धुंआ।
तू रचे है खेल, मेरे मनबसिया !
और कौन है यहाँ बोल? बस तू और मैं हू यहाँ हमेशा ।।
शब्द जंजाल रचाया रे सैया,
शब्द या हवा के पुल सब झूठा।
मेरा मन डोले है हैरान, ओ रचैया!
मैं क्रीड़ाभूमि तू नाचे खेले खेला। बस तू और मैं हू यहाँ हमेशा ।।
ये लोग आसपास मचाए है शोर,
हवन का धुंआ नाचे है चारो और।
न अस्तित्व इनका न मेरा,
बस तू ही हर जगह खेल खेला।
ना दॄश्य ना द्रष्टा सब है झूठा। बस तू और मैं हू यहाँ हमेशा ।।
Love,
Neha






